Wednesday, 24 June 2015

होम फॉर ऑल

विज्ञान भवन से भारत की तस्‍वीर बदलने की घोषणा कर दी गई है। स्‍मार्ट सिटी, ट्रासफॉर्मिंग ऑफ इंडिया एंड होम फॉर एवरीवन। वाह छा गए मोदी जी लेकिन भूल गए हैं घोषणाएं तो पहले भी बहुत हुई थीं। 
जब तक विज्ञान भवन से योजनाओं की घोषणा और पांच सितारा होटलो में बैठकर योजनाएं बनती रहेंगी तब तक देश का अल्‍लाह मालिक है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल जी को वो रात याद कराइए Indu Prakash Singh जी हनुमान मंदिर वाली। गोयल साहब मोदी जी की सेना के हनुमान न सही अंगद तो जरूर कहे जाते हैं। क्‍या सचमुच होगा सभी के पास घर। मोदी जी को हनुमान मंदिर के पास बैठे उन बेघरों के पास ले जाने की जरूरत है जिनके पास घर थे लेकिन सरकार ने पीली पर्ची पकड़ाकर वो आसरा भी छीन लिया है। शुभकामनाएं बाबुल सुप्रियो को जिसने ट्रेन की तीन बर्थ को देश की झलक से ही जोड़ दिया है। गुणगान चालू रहे, लोग मरते रहें, गडढे बनते रहें और गडढे में पानी भरता रहे और गरीबी उसमें डूबती रहे।