Monday, 12 January 2015

महिलाओं के करियर को एग फ्रीजिग पैकेज देगा नई ऊंचाइयां


पूजा मेहरोत्रा
महिलाओं को जब भी करियर और परिवार के बीच किसी एक को चुनना होता है तो वे परिवार को चुनती हैं! जिसकी वजह से वे अपने करियर में सहयोगियों से बेहतर होते हुए भी पिछड़ती जाती हैं। इसी कमजोरी का फायदा उठाते हुए जहां पुरुष सहयोगी उन्‍हें कमतर आंकते हैं और कंपनियां और मैनेजमेंट महिलाओं से दोयम दर्जे का व्यवहार करती है। लेकिन अब समय बदल रहा है। काम करने की सूझ बूझ को देखते हुए कंपनियां महिलाओं के लिए विशेष पैकेज इंट्रोड़यूज किया है। फेसबुक और एप्पल जैसी कंपनियों ने महिलाओं के काम को बखूबी पहचाना है। दोनों कंपनियों ने महिलाओं की सैलरी में 20,000 डॉलर का विशेष पैकेज जोड़ दिया है। अब महिलाएं अपना एग बेहतरीन अस्‍पताल में फ्रीज कराकर जब चाहें मां बन सकेंगी। उन्‍हें अपना करियर उम्र के 25-26वें साल में नहीं छोड़ना होगा।  ‘फेसबुक’ और ‘एप्पल’ने मां बनने की प्रक्रिया को अपने करियर में रोड़ा न बनने देने का प्रस्ताव देकर उन्हें एग फ्रीज करने का एक विशेष पैकेज दे रही है।  पिछले दिनों यह खबर जब आई तो पूरी कॉरपोरेट दुनिया में जैसे भुचाल ही आ गया। महिला कर्मचारियों को ये विशेष पैकेज दिए जाने के बाद उम्‍मीद है कि अब महिलाएं अपना करियर बीच मे नहीं छोड़ेंगी। और 40 पार कर जाने के बाद भी मां बनने के सपने को साकार कर सकेंगी।
फेसबुक और एप्पल जैसी कंपनियां अपने कर्मचारियों को मुफत लंच, ड्राय क्लीनिंग और काम की थकान को मिटाने के लिए मसाज जैसी सुविधाएं तो पहले से देती आ रहीं हैं। लेकिन महिलाओं के लिए कंपनियों का यह कदम जरूर एक क्रांति लाएगा। महिलाएं अपने करियर में नया मुकाम हांसिल कर सकेंगी। फेसबुक और एप्‍पल ने महिला कर्मचारियों को इंफर्टिलिटी ट्रीटमेंट, स्पर्म डोनर्स और एगस फ्रीज करने के लिए 20000 डॉलर करीब 12 लाख रुपए सैलरी के अलावा दे रही है। कंपनियों का मानना है कि ऐसा करने से महिलाएं अधिक से अधिक अपने करियर पर फोकस कर सकेंगी और 40 की उम्र के बाद  भी असानी से मां बन सकेंगी।
 फेसबुक ने अपनी महिला कर्मचारियों को भुगतान करना 2014 में ही “शुरू कर दिया था जबकि एप्पल 2015 में यह भुगतान “शुरू करेगी। फेसबुक नए अभिभावकों को बेबी कैश के तौर पर भी ढाई लाख रुपए देती है जबकि एप्पल 18 हफतो का सवेतन मातृत्व अवकाश देता आ रहा है।

एक अध्‍ययन से पता चला है कि 95 फीसदी महिलाएं करियर और परिवार के बीच में परिवार को ही चुनती हैं। जिससे कंपनियां एक बेहतरीन इंप्लाई को खो देती है। समाजशास्त्री प्रोफेसर और स्टैनफोर्ड विश्‍विघालय में क्लेमैन इंस्टीट्यूट फॉर जेंडर रिसर्च की निदेशक “शैली कोरेल बताती हैं कि हमेशा से ही महिलाओं को अपने बायोलोजिकल क्‍लॉक और क्लॉक वर्क में सामजस्य बैठाने में समस्या होती रही है यह तब होता है जबकि महिलाएं कंपनी को बेहतर तरीके से संभालती हैं और बेहतरीन कर्मचारी होती हैं। जिस वक्त महिलाएं अपने करियर के पीक की तरफ बढ रही होती हैं, उसी दौरान उन पर मां बनने का भी दबाव होता है क्योंकि इसमें देरी करने पर उम्र बढने से मां बनने में मुश्किलों का सामना करना पडता है। कंपनियों द्वारा महिलाओं के लिए उठाया गया यह कदम अवश्‍य ही महिलाओं की एक बहुत बडी समस्या को सुलझााने में मदद करेगा। कॉरपोरेट वर्ल्‍ड , स्वास्थ्य और मीडिया से जुडी महिलाएं निजी तौर पर पहले से ही इस सुविधा लाभ उठाती आ रही हैं। 

 वैसे एग फ्रीजिंग संस्कृति निजी तौर पर भारत में भी खूब पॉपुलर हो चुकी है लेकिन यह अभी कॉरपोरेट वर्ग में उच्चपद पर बैठी महिलाओं तक ही सीमित है क्योंकि एग फ्रीज करने के लिए हर वर्ष एक निश्‍चत राशि अदा करनी पडती है जो हर लडकी के बस की बात भी नहीं है। वैसे एग जितनी जल्दी और छोटी उम्र में फ्रीज कराया जाए वह उतना ही अच्छा होता है क्योकि उम्र बढने के साथ एग की क्वांटिटी और क्वालिटी दोनो कम होती जाती है।  महानगरों में  25 से 30 वर्श की लड़कियों में एग फ्रीज कराने में काफी रुचि है वह मानने लगी है कि यही समय है जब आप अपना एग फ्रीज कराकर अपने मां बनने के सपने को कुछ और वर्ष तक टाल सकते हैं। कविता मार्केटिंग में हैं उनकी उम्र 28 साल की हो चुकी है अभी वह कुछ समय और अपने करियर को देना चाहती हैं लेकिन अपनी जॉब से संतुष्‍ट न होने की वजह से भी वह परेशान हैं। वह कहती हैं मैं अपने करियर को और तीन चार साल और मां नहीं बनना चाहती हूं। इसलिए एग फ्रीज करवाकर कुछ साल और करियर को दे सकती हूं क्योंकि मुझे अभी “शादी नहीं करनी है और मां बनने का एक सुरक्षित जरिया भी है तो मां बनने की प्रक्रिया में कोई चिंता नहीं रहेगी। कुछ ऐसा ही मनीषा भी मानती है मनीषा वकील हैं और वो कहती हैं कि आज बहुत प्रतियोगिता है और यही वक्त “शादी, बच्चे और करियर का होता है। लडके इसलिए सफल रहते हैं क्योंकि उन्हें अपना करियर बीच में नहीं छोडना होता है और फिर वे हमपर अकड दिखाते हैं। लेकिन जब मेरी डॉक्टर दोस्त ने एग फ्रीज की सुविधा लेने की सलाह दी तो मैं बहुत खुष हो गईै। मैंने तत्काल वह सारे कदम उठाए और अपना अंडा फ्रीज करवा दिया है।
एग फ्रीजिग के विषय में मैक्स हॉस्पिटल की आवीएफ विशेषज्ञ डॉ तान्या बखशी कहती हैं एग फ्रीज के कई फायदे हैं। एग फ्रीज से बांझपन झेल रही महिलाओं के लिए भी एक विकल्प पेश करता है। साथ ही बच्चे को जन्म देने की सही उम्र और सामाजिक आर्थिक नजरिए से बच्चे पैदा करने की उम्र के बीच बढते अंतर का मां बनने की प्रक्रिया में कोई फर्क नहीं पडता है। दिल्ली के ही रॉकलैंड अस्पताल की गाइनो कॉलिजिस्ट डॉ आषा “शर्मा कहती हैं पश्चिमी देशों की तुलना में अभी भारत में एग फ्रीजिग की प्रक्रिया “शुरुआती दौर में हैं लेकिन पिछले वर्शों की तुलना में हर वर्श 20 से 25 फीसदी लडकियां एग फ्रीज की सुविधा ले रहीं हैं। इसमें भी अकेली महिलाओं की संख्या ज्यादा है। 35 वर्शीय मीडिया में कार्यरत एक प्रोफेषनल का कहना है कि यह “शानदार विकल्प है, यह हमें अपना करियर को दांाव पर लगाए मां बनने का आॅप्षन देता है।
एग फ्रीज कर बच्चा पैदा करने की पूरी प्रक्रिया अभी भी 100 फीसदी सुरक्षित नहीं है फिर भी महिलाएं इसे आजमाने को तैयार हैं। आइसिस आइवीएफ हॉस्पिटल की निदेषक डॉ शिवानी सचदेव गौड कहती हैं एग फ्रीजिंग एक भावनात्मक अवस्था है क्योंकि महिला को सबसे पहले मानसिक तौर पर यह लडाई लडनी होती है कि उसे अपने अंडाणु को फ्रीज करने का विकल्प अपनाना है या नहीं। एग फ्रीजिग एक महंगी प्रक्रिया है और यह कितने समय तक फ्रीज करवाना है इसका खर्च उस पर भी निर्भर करता है।

No comments:

Post a Comment